Tuesday, December 20, 2016

Class observation Jangal mein Sabha


जंगल में सभा
by: Ekta
    जंगल में सभा, हमने हमारी कक्षा 6 के लिए इस कविता का चयन कक्षा 3 की हिंदी पाठ्य पुस्तक से की है| इस कहानी को हमने अपनी कक्षा में इसलिए शामिल किया ताकि हम हमारी बच्चियों की कल्पना शक्ति का विकास कर सकें | यह कहानी आपने आप में अधूरी है | हमें ऐसा लगा की हम एक छोटी-सी घटना देकर बच्चों को आगे सोचने के लिए प्रेरित कर सकते हैं | यह अभ्यास हमारे लिए भी उतना ही उपयोगी था क्योंकि सभी बच्चों की अलग-अलग कल्पना शक्ति होती है | इसके सहायता से हम जान सकते थे कि एक घटना पर हमारे बच्चे क्या-क्या कल्पना कर सकते है, उनकी प्रतिक्रियां कैसे-कैसे आ सकते हैं| यह अभ्यास हमें हमारे बच्चों को समझने में हमारी मदद करता |
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क्रियाकलाप:
हमलोगों ने इसके लिए अपने अभ्यास को दो चरणों में बांटा |
पहले में हमने कहानी रोचक ढंग से पढ़कर सुनाई और उनसे कहानी बनवाई |
इससे हमने इस प्रकार किया:-  हमने उन्हें बताया कि आज हम एक कहानी पढने जा रहे हैं, जिसका शीर्षक है जंगल में सभा  | फिर इसके मुख्य पात्र हाथी, शेर, लोमड़ी, सियार, भालू, बंदर, हिरण, खरगोश और अजगर को उजागर किया | नाम बताने  के बाद हमने उन्हें 2 मिनट का समय दिया और पूछा की आप इन पात्रो को जानने के बाद इससे अंदाजा लगा सकते है की कहानी क्या होगी? उनसे कोई जबाब न आने पर हमने कहानी को पढ़कर सुनाया | अधूरी कहानी बताने के बाद हमने उनसे कुछ सवाल पूछे ताकि उनको आगे सोचने में आसानी हो | हमने पूछा कि जंगले में सभा कहाँ बुलाई गयी, चांदनी ने बताया कि मैदान में | इसपर हमने उनसे पूछा जंगल में तो मैदान होता नहीं है? तभी नेहा ने तुरंत से बोला “सभा पेड़ के नीचे बुलाई गयी |” तब हमने कहा “बहुत अच्छा”, सभा पेड़ के नीचे ही बुलाई गयी |
आगे हमने सभी से ये जानने की कोशिश की कि आगे क्या हुआ होगा? इसके लिए हमने उन्हें समूह में बाँट दिया | इस कक्षा में उपस्थित लड़कियों की कुल संख्या 31 थी  | हमने सभी को 5-6  के समूह में बाँट दिया | समूह में बाँटने के लिए हमने सभी से 1 से 5 तक की गिनती करायी | 1 बोलने वाली सभी लड़कियों को समूह (1), 2 बोलने वाली सभी लड़कियों को समूह (2), 3 बोलने वाली सभी लड़कियों को समूह (3), 4 बोलने वाली सभी लड़कियों को समूह(4) और 5 बोलने वाली सभी लड़कियों को समूह (5) में रखा गया | इस कहानी में सभा तो बुलाई गयी, पर किस बात पर चर्चा हुई इस बात का इस अभ्यास में कहीं कोई चर्चा नहीं था | हमने उनसे कहा कि अब आप सभी अपने समूह में सोचिये और चर्चा कीजिये कि किस बात पर चर्चा हो सकती है | अपने समूह में सभी लड़कियां अपना-अपना तर्क  दे रही थी | समय पूरा होने के बाद हमने समूह से जानने का प्रयास किया | इसके लिए हमने समूह (1) से कहा, आपलोग के हिसाब से किस बात पर चर्चा हुई होगी? इसके लिए समूह (1) के सभी लड़कियों ने ज्योति से कहा तुम सुनाओ | ज्योति ने अपने समूह द्वारा बनायीं गयी कहानी को पढ़ना शुरू किया |  इनके कहानी में सभा बुलाने का मुख्य कारण शिकारी का जंगल में घुस आना था, जिससे जंगले के जानवरों की संख्या लगातार कम हो रही थी | समूह (2) से गीता ने सभा बुलाने का मुख्य कारण जंगल में प्रदुषण का फैल जाना था | हमें ये जानकर बहुत ख़ुशी हुई कि सभी ने अपने समूह में बढ़-चढ़कर भाग लिया | समय समाप्त होने के कारण हम सभी की कहानी पर चर्चा नहीं कर पाए | हमने जाते-जाते सभी को गृहकार्य दिया कि सभी लोग अपने समूह में इस कहानी को और बेहतर बनाने का प्रयास करें | कोशिश करें कहानी 4-5 वाक्यों से अधिक हो |
दूसरे दिन के अभ्यास में हर समूह से एक लड़की ने आकर अपनी कहानी को पूरी कक्षा को सुनाया | हमने सभी से हर किसी की कहानी पर चर्चा किया और पूछा   कि कहानी कैसी लगी? इस कहानी में और कुछ जोड़ सकते हैं क्या? अच्छी बात यह रही की सभी ने, सभी समूह की कहानी को ध्यान से सुना | सभी ने बताया की इस कहानी में कौन-सी बात उनको ज्यादा अच्छी लगी |
इस कहानी के मुख्य पात्र जानवर थे, तो हमने सोचा क्यों न जंगली और पालतू जानवर पर थोड़ी बात हो जाए | हमने बच्चियों से कहा, चलो अब ये बताओ कि इनमे से कौन-कौन-से जानवर जंगली हैं और कौन-कौन-से जानवर पालतू है? इसपर चुन्नी और आरती ने कहा कि दीदी मुझे नहीं पता की जंगली और पालतू जानवर किसे कहते है | इसपर मैंने उसे कुछ उदाहरण देकर समझाया और फिर उनसे तुरंत सवाल किया तो उन्होंने इसका सही-सही जवाब दिया | इसके बाद हम पालतू और जंगली जानवरों का सम्मिलित नाम लेना शुरू किया और एक-एक करके सभी से पूछना शुरू किया | हमने पाया की सभी लड़कियों ने सही-सही जवाब दिया | अगर इस अभ्यास के परिणाम की बात करें तो 100% लड़कियां उत्तीर्ण हुई |
निष्कर्ष – इस दो दिन के सेशन में हमने पाया कि सभी लड़कियां कहानी को बनाने में एक-दूसरे को मदद कर रही थी | सभी ने बहुत ही रोचक कहानी सोचा जिसकी हम कल्पना नहीं कर सकते थे कि हमारी बच्चियों का ध्यान इस बिन्दुओं पर भी जा सकता था | हमें ये विश्वास हो गया की हमारी सभी बच्चियां बेहतरीन कहानियां बना सकतीं हैं |   
Session By:  Nalini & Nikita






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