Friday, April 3, 2026

लोग क्या कहेंगे

“जाओ घर का काम करो, दिन भर खेलती ही रहती हो!”

यह आवाज़ मैदान के एक कोने से आई, जब हमारी एक किशोरी खेल के बीच में खड़ी थी। वह झिझक कर रुक गई। लेकिन उससे पहले कि मैं (अंशु) कुछ कहती, पास खड़ी दूसरी महिलाओं ने टोक दिया— “भले ही दिन भर खेलती होगी, लेकिन ऐसा मौका बार-बार नहीं आता। आज उसे खेलने दीजिए, घर का काम बाद में भी हो जाएगा।”

मेरा नाम अंशु कुमारी है और मैं बेगूसराय के अम्बा गाँव की एडू-लीडर हूँ। यह घटना 'किशोरी उत्सव' के दौरान हुई, जिसका आयोजन मैंने और मेरी साथी संगीता ने मिलकर गाँव के नवीन स्कूल के मैदान में किया था।

हमारा उद्देश्य किशोरियों को एक ऐसा सुरक्षित और सकारात्मक माहौल देना था, जहाँ वे बिना किसी डर के खुलकर अपनी क्षमताओं को दिखा सकें।

समस्या यह थी कि गाँव की लड़कियाँ सार्वजनिक मैदान में खेलने से झिझक रही थीं। उन्हें डर था कि 'लोग क्या कहेंगे'। कबड्डी का नाम सुनते ही वे पीछे हटने लगीं।

मैंने और संगीता ने हार नहीं मानी; हमने किशोरियों को कबड्डी के खेल को उनके जीवन के संघर्ष से जोड़कर समझाया—कि जैसे कबड्डी में फिनिश लाइन तक पहुँचने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, वैसे ही उन्हें अपने लिए भी लड़ना होगा। हमने खुद आगे बढ़कर खेल की शुरुआत की और फिर अभिभावकों को भी इसका हिस्सा बनाया।

इसका असर जादुई था। जो लड़कियाँ शुरुआत में काँप रही थीं, वे खेल के अंत तक आत्मविश्वास से भरी हुई नज़र आईं। सुई-धागा रेस, कुर्सी रेस और गुब्बारा गेम में न केवल 10-12 किशोरियों ने भाग लिया, बल्कि अभिभावक भी पूरे समय खड़े होकर अपने बच्चों का हौसला बढ़ाते रहे।

उस दिन सबसे बड़ी जीत खेलों में नहीं, बल्कि समुदाय की सोच में हुई। जब अभिभावकों ने खुद आगे बढ़कर दूसरी माँ को अपनी बेटी को खेलने देने के लिए मनाया, तो मुझे लगा कि मेरा 'किशोरी उत्सव' सफल हो गया।

कार्यक्रम आयोजित करना मुश्किल नहीं है, बल्कि एक ऐसा मंच तैयार करना, जहाँ समुदाय खुद अपनी पुरानी रूढ़ियों को तोड़कर अपनी बेटियों के साथ खड़ा हो जाए, बहुत मुश्किल है । 


लेखिका परिचय:

  • नाम: अंशु कुमारी

  • परिचय: गाँव अम्बा, ब्लॉक तेघरा, जिला बेगूसराय की रहने वाली हैं और i-Saksham बैच-12 की एडू-लीडर हैं।

  • i-Saksham से जुड़ाव: वह वर्ष 2025 से i-Saksham से जुड़ी हुई हैं।

  • लक्ष्य: अंशु भविष्य में बिहार पुलिस में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहती हैं।