Monday, March 30, 2026

Smart Goals और मेरा Buddy Goal

 “जब यहाँ तक पहुँचने के लिए इतनी मेहनत की है, तो अब पीछे नहीं हटूँगी।”

"आदत हो जाएगी," मेरी सास ने उस दिन बड़े शांत भाव से कहा था, जब मैंने पहली बार साड़ी पहनकर 20 किलोमीटर दूर ऑफिस जाने की अपनी हिचकिचाहट बताई थी।

मेरा नाम कोमल है। 2023 में जब मैं i-Saksham से जुड़ी, तो मैं एक ऐसी लड़की थी जो बिना पापा या भाई के घर की दहलीज पार नहीं करती थी। मैं पाँच बहनों में सबसे बड़ी थी, पर बोलने में सबसे पीछे। फेलोशिप के दौरान जब मैंने गाँवों में जाना शुरू किया, तो मेरा आत्मविश्वास बढ़ा, पर असली परीक्षा मेरी शादी के बाद शुरू हुई।

शादी के महज़ 15 दिन बाद मैंने 'बडी इंटर्न' के तौर पर काम शुरू किया। रोज़ ससुराल से ऑफिस का लंबा और थकान भरा सफ़र, और ऊपर से साड़ी में काम करने की असहजता। नतीजा यह हुआ कि मेरा प्रदर्शन गिरने लगा। मैं न समय पर पहुँच पाती थी, न ही पहले जैसी ऊर्जा बची थी।

मेरे नेतृत्व का असली मोड़ तब आया जब DM टॉक (Mentor के साथ बातचीत) के दौरान मुझे स्पष्ट फीडबैक मिला कि मेरा काम धीमा पड़ गया है। मैंने उस दिन बहाने बनाने के बजाय अपनी स्थिति को स्वीकार किया। मैंने तुरंत अपने मेंटर की मदद से एक महीने का 'एक्शन प्लान' तैयार किया और अपने काम को छोटे-छोटे गोल्स (Goals) में बाँध लिया।

सिर्फ ऑफिस ही नहीं, घर की सीमाओं को भी पार करना ज़रूरी था। मैंने सीधे अपनी सास का विरोध करने के बजाय अपने पति को अपनी काम की ज़रूरतों के बारे में विस्तार से समझाया। उनकी मदद से मैंने धीरे-धीरे घर का भरोसा जीता और आखिरकार साड़ी के बजाय सूट पहनकर ऑफिस जाने की अनुमति हासिल की। यह छोटी-सी जीत मेरे लिए बहुत बड़ी थी क्योंकि अब मैं अपने काम पर ध्यान दे पा रही थी।

रास्ते में लोग टोकते थे—"इतने कम पैसों के लिए इतनी भाग-दौड़ क्यों?" मेरी सास भी कई बार काम छोड़ने को कहती थीं। पर मेरे मन में एक ही बात थी: मैं घर बैठकर अपनी पहचान खोना नहीं चाहती थी।

आज 2 जनवरी का दिन मेरे लिए जीत का दिन है। मेरा चयन 'बडी' के पद पर हो गया है। यह सिर्फ़ एक नौकरी नहीं है, बल्कि उस लड़की की जीत है जो कभी अकेले सड़क पार करने से डरती थी। आज मैं न सिर्फ़ खुद के फैसले लेती हूँ, बल्कि दूसरे समुदायों में जाकर किशोरियों और उनके परिवारों को भी प्रेरित कर रही हूँ।

उस दिन मैंने सीखा कि नेतृत्व का मतलब सिर्फ दूसरों को राह दिखाना नहीं, बल्कि अपनी परिस्थितियों के बीच से अपने लिए रास्ता बनाना है।


लेखिका परिचय:

  • नाम: कोमल कुमारी

  • परिचय: कोमल बेगूसराय के नोनपुर गाँव की रहने वाली हैं और i-Saksham में 'बडी' के रूप में कार्यरत हैं।

  • i-Saksham से जुड़ाव: वह वर्ष 2023 में i-Saksham के बैच-10 की एडू-लीडर के रूप में जुड़ी थीं।

  • लक्ष्य: कोमल का लक्ष्य एक आत्मनिर्भर महिला बनना और अपने जीवन के फैसले खुद लेने की क्षमता विकसित करना है।

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