Friday, December 19, 2025

अब महसूस की असली आजादी!

 “मैं अब खुद को आज़ाद महसूस करती हूँ।”

यह आत्मविश्वास मुजज़फ़रपुर की नेहा दीदी का है। जब मैंने, स्वाति (बडी), उनके इस बदलाव को देखा, तो मुझे एहसास हुआ कि छोटे कदम भी जीवन में कितनी बड़ी आज़ादी ला सकते हैं।

नेहा दीदी ने मुझे बताया कि वह पिछले दो सालों से "आई सक्षम" से जुड़ने की कोशिश कर रही थीं। जब वह मायके में थीं, तो कहीं भी बाहर जाने पर उनके साथ हमेशा पापा या भाई होते थे। शादी के बाद भी वह हमेशा अपने पति के साथ ही बाहर जाती थीं। अकेले घर से बाहर निकलना उनके लिए एक असंभव बात थी, और यह डर हमेशा उनके आत्मविश्वास को दबाता रहा।

आखिरकार, उनकी कोशिश सफल हुई और वह "आई सक्षम" का हिस्सा बनीं।

लेकिन असली चुनौती अब शुरू हुई थी। संस्था से जुड़ने के बाद उन्हें अकेले सेशन में आना, विद्यालय जाना, और होम विजिट के लिए निकलना होता था। यह उनके लिए नया और थोड़ा डराने वाला अनुभव था।

नेहा दीदी ने अपनी सारी हिम्मत जुटाई और हर दिन इस डर का सामना किया। उन्होंने हर यात्रा को खुद को मज़बूत करने का एक अवसर बनाया। धीरे-धीरे यह डर खत्म होने लगा।

आज वही नेहा दीदी, जो कभी घर की दहलीज पार करने से डरती थीं, आत्मविश्वास के साथ गाँव के विद्यालयों में जाती हैं, मीटिंग में बोलती हैं और बच्चों के माता-पिता से बात करती हैं।

नेहा दीदी अब खुद यह कहती हैं: “अगर मैं 'आई सक्षम' से नहीं जुड़ती, तो शायद मैं आज भी अपने घर से अकेले बाहर नहीं निकल पाती। मैं अब खुद को आज़ाद महसूस करती हूँ।” उनका यह एहसास दिखाता है कि असली लीडरशिप सीमाओं को नहीं, बल्कि खुद के डर को तोड़ने से आती है।


लेखिका परिचय:

  • नाम: स्वाति कुमारी

  • परिचय: स्वाति गाँव अघोड़िया बाज़ार, मुशहरी, मुजफ्फरपुर की रहने वाली हैं और पिछले 2 वर्षों से i-Saksham में 'बडी' के रूप में कार्यरत हैं।

  • i-Saksham से जुड़ाव: वह वर्ष 2023 में i-Saksham से जुड़ीं।

  • लक्ष्य: स्वाति का लक्ष्य एक टीचर बनना है।

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