“सर्वर डाउन है, सोमवार को आना।”
कॉलेज काउंटर की खिड़की के पीछे बैठे बाबू ने जब यह कहा, तो मेरे पास खड़ी रेखा का चेहरा अचानक उतर गया। उसकी आँखों में वही पुराना डर फिर से दिखने लगा—वही मायूसी जो उसने तब महसूस की थी, जब पैसों की कमी के कारण उसकी 12वीं के बाद की पढ़ाई रुक गई थी और उसकी किताबों पर धूल जमने लगी थी।
मेरा नाम कृति राज है और मैं i-Saksham की एक एडू-लीडर हूँ। रेखा कभी मेरी सहपाठी थी, पर अब वह घर के कामों में सिमट गई थी।
जब मुझे क्लस्टर मीटिंग में अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी (APF) की स्कॉलरशिप के बारे में पता चला, तो मुझे लगा कि यह जानकारी सिर्फ कागज़ों पर रहने के लिए नहीं है। मैंने तुरंत उन लड़कियों के नाम लिखे जिन्होंने पैसों की कमी से स्कूल छोड़ा था, और अगले ही दिन रेखा के घर पहुँच गई।
उसके माता-पिता को मनाना आसान नहीं था; उन्हें लगा कि कहीं ये कोई नया खर्चा तो नहीं। मैंने उन्हें सिर्फ फॉर्म के बारे में नहीं बताया, बल्कि अपनी ट्रेनिंग में सीखे गए तरीके से यह समझाया कि कैसे यह स्कॉलरशिप रेखा को वापस क्लासरूम तक पहुँचा सकती है। मेरा हाथ पकड़कर उन्होंने धीरे से कहा, "ठीक है, हम कोशिश करेंगे।"
असली दौड़-भाग कॉलेज में थी। एडमिशन से लेकर रजिस्ट्रेशन तक, मैंने रेखा के साथ खड़े होकर एक-एक कागज़ तैयार करवाया। जब 'बोनाफाइड फॉर्म' के समय सर्वर रुक गया और रेखा को लगा कि सब खत्म हो गया, तो मैंने उसका हाथ दबाकर बस इतना कहा, "घबराओ मत, मैं सोमवार को तुम्हारे साथ फिर आऊँगी।"मेरा यह कहना रेखा के लिए सिर्फ एक दिलासा नहीं था, बल्कि एक भरोसा था कि इस बार उसे अकेले नहीं लड़ना पड़ेगा। रेखा की हिम्मत बढ़ी और इसी सक्रियता को लेकर मैं दो और कॉलेजों (BRM और JMS) में पहुँची, जहाँ मैंने 11 और लड़कियों को ढूँढकर उनका फॉर्म भरवाया।
आज जब मैं रेखा को फिर से बैग टाँगे कॉलेज की बस का इंतज़ार करते देखती हूँ, तो मुझे एक सुकून महसूस होता है। उस दिन मैंने सीखा कि लीडर बनने के लिए किसी ओहदे की ज़रूरत नहीं होती। अगर हम किसी रुकी हुई ज़िंदगी को फिर से आगे बढ़ाने के लिए आखिरी कदम तक साथ खड़े रहने की हिम्मत जुटा लें, तो वही हमारा सबसे बड़ा काम है। मैं सिर्फ जानकारी देने वाली एक एडू-लीडर नहीं, बल्कि उन 12 लड़कियों के सपनों का रास्ता साफ़ करने वाली साथी बनी हूँ।
लेखिका परिचय:
नाम: कृति राज
परिचय: गाँव उदयपुर, ब्लॉक जमालपुर, मुंगेर की रहने वाली हैं और i-Saksham बैच-12 की एडू-लीडर हैं।
i-Saksham से जुड़ाव: वह वर्ष 2025 से i-Saksham से जुड़ी हुई हैं।
लक्ष्य: कृति भविष्य में सिविल सर्विस में जाकर उन सामाजिक रुकावटों को खत्म करना चाहती हैं जो लड़कियों की पढ़ाई के बीच में आती हैं।
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