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Tuesday, April 11, 2023

कक्षा साफ ना होने पर अनन्या ने किया समस्या समाधान कौशल का प्रयोग

फोटो क्रेडिट- आई सक्षम

सामान्यतः जब हमारे जीवन में कोई समस्या आती है या हमारी कोई इच्छा पूरी नहीं होती, तब हम उसे अपनी नियति मान लेते हैं और परिस्थिति से समझौता कर लेते हैं, जो कहीं ना कहीं दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी को दर्शाता है जबकि हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम अंत कर प्रयास करें क्योंकि सबकुछ जीत लेने में और अंत तक हार ना मानने में कोई अंतर नहीं है। इस मंतव्य को हमारी एडु लीडर अनन्या ने साबित करके दिखाया है। वे लिखती हैं-  

मेरा नाम अनन्या है और मैं जमुई की रहने वाली हूं। मैं बैच-9 की एडु लीडर हूं। मैं आप लोगों के साथ आज के क्लास रूम का अनुभव साझा करने जा रही हूं। 


इस बार सेशन में मुझे बहुत सारे TLM मिले।  TLM का मतलब Teaching Learning Method है, जिसके जरिए कलात्मक तरीकों से बच्चों को पढ़ाया जाता है इसलिए मुझे TLM बहुत अच्छे लगते हैं। यही कारण था कि TLM मिलने से मुझे बहुत खुशी हुई। मेरी इच्छा था कि मैं रंग-बिरंगे TLM को साफ-सुथरी कक्षा में लगाऊं लेकिन कक्षा अब तक साफ नहीं हुई थी। 



जब नहीं हुई साफ-सफाई


हालांकि मैंने कुछ दिन पहले अपने स्कूल के प्रिंसिपल सर से बात भी किया था कि सर अगर क्लास रूम की साफ-सफाई हो जाती, तो बढ़िया होता। इस पर प्रिंसिपल सर ने कहा था कि हां कक्षा की सफाई भी करवानी थी और पेंट भी करवाना था लेकिन अभी तक काम शुरु भी नहीं हुआ था।  


फोटो क्रेडिट- आई सक्षम

इस पर मैंने सोचा कि बार-बार गुजारिश की लेकिन काम शुरु नहीं हुआ तो क्यों ना मैं खुद ही क्लास रुम की सफाई कर लूं। इसके लिए मैंने एडु लीडर आस्था की अनुमति ली क्योंकि मुझे क्लास को साफ करने में कुछ बड़े बच्चों की आवश्यकता थी, जो मेरी मदद कर सकें। आस्था मेरी बगल की कक्षा में ही क्लास ले रही थीं। आस्था से बात करने के बाद उन्होंने हामी भर दी और क्लास समाप्त होने के बाद बच्चों ने रुक कर क्लास रुम को साफ किया। 


बच्चों के साथ की सफाई 


कुछ बच्चों ने दीवारों पर लगे मकड़ी के जालों को साफ किया, तो कुछ बच्चों ने बेंच-डेस्क आदि को कपड़ों से पोंछा, कुछ बच्चों ने मिल कर फर्श को धोया। यहां सबसे अच्छी बात यह लगी कि जो बच्चे साफ-सफाई नहीं कर पा रहे थे, उन्होंने ऊंचाई पर खड़े बच्चों के बेंच-डेस्क को थामा हुआ था। तकरीबन दो-तीन घंटों की मेहनत के बाद हमारी कक्षा साफ-सुथरी हो गई। अब बारी TLM लगाने की थी। 


एडु लीडर अनन्या ने जिस प्रकार कक्षा की सफाई करने का बीड़ा उठाया, यह उनकी नेतृत्व क्षमता की ओर इंगित करता है। साथ ही परेशानी से भागने या उसे स्वीकार ना करने की इच्छाशक्ति भी क्योंकि TLM लगाने के लिए उन्हें साफ-सफाई की जरुरत थी और साफ-सफाई ना होने की स्थिति में उन्होंने इस परेशानी को स्वयं दूर करने का सोचा, जो उनके समस्या समाधान विधि की ओर इंगित करता है। 


देखा जाए, तो एडुलीडर्स ना केवल शिक्षा के प्रति बल्कि अन्य हिस्सों में भी उभर कर सामने आ रहे हैं क्योंकि कक्षा में पढ़ाने के साथ-साथ जहां एक ओर उनके शिक्षण के कौशल का विकास हो रहा है, वहीं वे नेतृत्व करने और निणर्य लेने में भी आगे आ रही हैं, जिसे ऊपर दिए गए अनुभव द्वारा समझा जा सकता है।