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Wednesday, October 23, 2024

2030 तक 10,000 महिला लीडर्स का सशक्तिकरण: i-सक्षम का मिशन

2030 तक 10,000 महिला लीडर्स का सशक्तिकरण: i-सक्षम का मिशन

27 सितंबर 2024 को i-सक्षम एजुकेशन एंड लर्निंग फाउंडेशन ने PTEC (प्राइमरी टीचर एजुकेशन कॉलेज) के मैदान में क्लस्टर सेलिब्रेशन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गाँव से आई कई महिलाओं, अभिभावकों, PRI (पंचायत राज्य संस्था) सदस्यों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसका उद्देश्य पिछले डेढ़ साल में क्लस्टर द्वारा किए गए कार्यों की उपलब्धियों को साझा करना और उनका जश्न मनाना था।


कार्यक्रम की शुरुआत एक स्वागत गीत के साथ हुई, जिसे हमारे एडु-लीडर्स ने प्रस्तुत कियाइसके बाद संस्था के उद्देश्य और विजन पर चर्चा की गई, जिसमें "Voice & Choice for Every Woman" के प्रति हमारा संकल्प साझा किया गया। i-सक्षम का मिशन 2030 तक 10,000 महिला लीडरों को सशक्त करना है, जो शैक्षिक, सामुदायिक और व्यक्तिगत नेतृत्व के क्षेत्रों में काम करेंगी।


एडु-लीडर्स अंजली, सारिका, चंचला, काजल, पम्मी, चांदनी, काजल, बबिता, निशा और शालू ने अपनी कहानियां और अनुभव साझा किए। सामुदायिक नेतृत्व के अंतर्गत महिलाओं को हस्ताक्षर करना सिखाने, सरकारी सेवाओं के बारे में जागरूकता फैलाने, गांवों में सफाई और वृक्षारोपण अभियान चलाने, और सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट बच्चों के पुनः नामांकन पर कार्य किया गया। महिलाओं को आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड जैसे लाभ समझाने और मासिक धर्म जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।


खेल और गतिविधियों में म्यूजिकल चेयर और गुत्तम-गुत्था जैसी पारंपरिक खेल शामिल थीं, जिन्होंने कार्यक्रम में जोश भरा और सभी प्रतिभागियों को एक साथ लाने का कार्य किया।



सहयोग की अपील PRI सदस्यों से उनके समर्थन की अपील की गई, और सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भविष्य में भी जुड़ने की इच्छा जताई।


अंत में, सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया गया और सुझाव मांगे गए कि हम अगली बार कार्यक्रम को और बेहतर कैसे बना सकते हैं। उनके विचारों ने हमें आगे के लिए प्रेरित किया।


इस कार्यक्रम की सफलता में i-सक्षम टीम के सदस्य अंकिता और अदीबा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 


i-सक्षम का उद्देश्य स्थानीय महिलाओं को लीडर के रूप में विकसित करना है, ताकि वे अपने गांवों में बदलाव ला सकें और अन्य महिलाओं को भी सशक्त कर सकें। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब महिलाएं एकजुट होती हैं, तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं।


आदिबा 

बडी,गया


(आमना हुसैन, गया जिला, आमस प्रखंड के हमजापुर गॉव से सम्बन्ध रखते हैं। आपने आपनी स्नातक की डिग्री इतिहास ओनर्स में उतर प्रदेश कॉलेज (अलिग्रह मुस्लिम विश्वविधायल  से मान्यता प्राप्त कॉलेज) से ली है। आपके घर के एक भाई, तीन बहन और माता-पिता हैं। 

आप i-सक्षम में जुड़ने से पहले घर पे रह कर पढाई करते थे। आपको i-सक्षम के बारे में whatsapp स्टेटस से जानकारी मिली, और वर्ष 2023 में संस्था के साथ जुड़े हैं। i-सक्षम में बड्डी के नाम से आपको समाज और संस्था में नयी पहचान मिली है। आप अपने जीवन में पुलिस बनाना चाहते है। )


एडू-लीडर्स के आत्मविश्वास की नई दिशा

एडू-लीडर्स के आत्मविश्वास की नई दिशा

झरी पंचायत एक छोटा सा गाँव है, जहाँ आज एक खास दिन की तैयारी चल रही थी। गांव के छोटे से पंचायत भवन में क्लस्टर आयोजन होना था।

सोमवार को, स्नेहा (बैच 10 की एडु लीडर) और मैं दोनों मिलकर पंचायत के मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति के सदस्यों, वार्ड मेंबर्स, गांव के प्रमुख लोगों और विद्यालय के प्रिंसिपल को आमंत्रित करने की योजना बनाई। सभी ने आश्वासन दिया कि वे प्रतियोगिता में जरूर शामिल होंगे।


क्लस्टर प्रतियोगिता का दिन आया। ब हम झरी पंचायत भवन पहुंचे, तो मन में कई सवाल उठ रहे थे:

क्या आयोजन सफल होगा?

क्या सभी लोग आएंगे?


जैसे ही प्रतियोगिता का समय आया, गांव के मुखिया, सरपंच और अन्य प्रमुख सदस्य समय पर 11 बजे आ गए। इसने हमें आश्वस्त किया कि हमारा प्रयास सही दिशा में है।


प्रतियोगिता की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत गीत से हुई। इसके बाद मैंने i-सक्षम और क्लस्टर के उद्देश्य और अनुभवों के बारे में सभी को जानकारी दी। रानी, सविता और मनीता दीदी ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिन्होंने सभी को प्रेरित किया।



सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि उपस्थित PRI (पंचायत राज संस्था) सदस्य, प्रिंसिपल और अभिभावकों ने अपने विचार और सुझाव दिए। यह मेरे लिए बेहद सकारात्मक अनुभव था। PRI सदस्यों ने न केवल हमारी पहल की सराहना की, बल्कि इसे और व्यापक स्तर पर ले जाने का वादा भी किया।


हमने पहले से योजना बनाई थी कि कार्यक्रम के अंत में हम गाँव के प्रमुख और PRI सदस्यों से सहयोग मांगेंगे, लेकिन ऐसा करने की जरूरत ही नहीं पड़ी। वे खुद ही हमें सहयोग देने के लिए तैयार हो गए।


कार्यक्रम का समापन "चेतना" गीत से हुआ, और सभी ने इस प्रतियोगिता के लिए आभार व्यक्त किया। झरी पंचायत के मुखिया ने खास तौर पर कहा, "आप जो काम कर रहे हैं, हम चाहते हैं कि यह और बड़े स्तर पर हो। जितनी मदद चाहिए, हम सभी प्रतिनिधियों से लें।" यह बात न सिर्फ हमारे लिए, बल्कि पूरे क्लस्टर के लिए बेहद उत्साहजनक थी।


यह प्रतियोगिता न केवल सक्षम, बल्कि सशक्त बनाने में भी मदद करेगी और हमारे एडु लीडर्स को अपने कार्य में आत्मविश्वास प्रदान करेगी। इस आयोजन ने हमें यह महसूस कराया कि जब सामुदायिक सहयोग मिलता है, तो किसी भी चुनौती को आसानी से पार किया जा सकता है।


निकी कुमारी  

बडी, गया