Monday, February 13, 2023

सीमाः बच्चों के नामांकन में प्रिंसिपल एवं शिक्षकों ने भी किया सहयोग





मैं सीमा, गया जिले की रहने वाली हूं और आज मैं आप सबके साथ अपने फिल्ड विजिट का एक अनुभव साझा करने जा रही हूं। मैं आमस प्रखंड के गांव बड़की सांव में नामांकन के लिए गई थी। जहां सबसे पहले तो मैंने अभिभावक एवं बच्चों से मिलने की कोशिश की लेकिन अफसोस मेरी मुलाकात किसी से ना हो सकती। वहीं कुछ अभिभावक मिले लेकिन उनके बच्चे पहले से ही स्कूल में नामित थे। हालांकि मेरे लिए ये एक खुशी की बात थी कि अभिभावकों ने बच्चों का नामांकन स्कूल में कराया हुआ है और बच्चे स्कूल जाते हैं। 

इसके बाद मैंने सोचा कि क्यों न स्कूल में पता कर इन सारे बच्चों का सीरियल नंबर ले लूं ताकि जो बच्चे कम आते हैं, नहीं आते हैं आदि सारी जानकारियां प्रिंसिपल सर से मिल जाएगी। मैं जल्दी से स्कूल गई तो वहां प्रिंसिपल सर से बातचीत के दौरान मैंने अपने आने का कारण बताया कि जिन बच्चों का नामांकन है, उन बच्चों का सीरियल नंबर लेना है और जिन बच्चों का नामांकन नहीं है, उन बच्चों का नामांकन करवाना है। 


प्रिंसिपल और शिक्षकों का मिला सहयोग 

इस पर प्रिंसिपल सर ने हामी भरी। इसके बाद सर ने कम से कम सात आठ रजिस्टर निकाले और बताते गए फिर मैं लिखतीं गई। यहां तक कि सर ने भी मुझे ढूंढ़ने के लिए कहा तो मैं खुद से ढूंढकर लिखीं और जो बच्चे का नामांकन नहीं था, उस बच्चे का नामांकन करवाई।

इस प्रकार से सांव कला में दो बच्चे का नामांकन कराया गया। उन दो बच्चों के नाम इस प्रकार हैं- एक का नाम मधु कुमारी है, जिनका 8वीं क्लास में नामांकन हुआ है और दूसरे बच्चे का नाम शनी कुमारी है, जिनका 6ठीं क्लास में नामांकन हुआ है।

साथ ही स्कूल में मौजूद शिक्षकों ने भी मुझसे काफी अच्छे से बातचीत की और यहां तक की प्रिंसिपल सर ने मुझे भोजन के लिए भी पूछा लेकिन मैंने उनसे कहा, आपने मेरे लिए इतना कीमती वक्त निकाला, इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और इसके बाद मैं आगे अपने दूसरे गंतव्य की ओर निकल पड़ी। 




सीमा, गया बिहार की रहने वाली हैं और इगनु से अपनी स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। 


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